सनातन धर्म पर कथित गलत जानकारी देने के आरोप में मेटा एआई के खिलाफ अदालत में वाद, पुलिस से मांगी गई आख्या
सनातन धर्म और संस्कृति से जुड़ी कथित गलत जानकारी देने के आरोप में सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल मेटा एआई के खिलाफ वाराणसी की अदालत में वाद दायर किया गया है। इस मामले में अदालत ने सुनवाई करते हुए सारनाथ पुलिस से आख्या (रिपोर्ट) तलब की है और अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख निर्धारित की है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर गांव के पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्रा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) की अदालत में यह वाद दाखिल किया है। वादी की ओर से अधिवक्ता अलख नारायण राय के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
वाद में कहा गया है कि मेटा एआई एक अमेरिकी सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल है, जो दावा करता है कि उसके पास विश्व की व्यापक जानकारी उपलब्ध है। आरोप है कि नागेश्वर मिश्रा ने सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति से जुड़े कुछ प्रश्न मेटा एआई से पूछे, जिनके जवाब में उन्हें गलत और भ्रामक जानकारी दी गई।
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वादी का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में मेटा एआई को चेतावनी दी तो प्लेटफॉर्म की ओर से माफी मांग ली गई, लेकिन दोबारा वही प्रश्न पूछने पर फिर से कथित रूप से गलत जानकारी दी गई। इससे आहत होकर नागेश्वर मिश्रा ने पहले संबंधित पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) की अदालत ने सारनाथ पुलिस से पूरे मामले पर विस्तृत आख्या तलब की है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तिथि निर्धारित की है।


