काशी के क्रीम कुंड में 1 मई को 55 जोड़ों का सामूहिक विवाह, अघोर पीठ की अनूठी पहल
धर्म नगरी काशी में समाजसेवा की एक प्रेरणादायक पहल के तहत अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान द्वारा 1 मई को 55 जरूरतमंद नवयुवक-युवतियों का सामूहिक विवाह कराया जाएगा। यह आयोजन रविंद्र पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध एवं पवित्र तीर्थ स्थल क्रीम कुंड (कीनाराम स्थल) पर संपन्न होगा, जो अघोर परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
बताया जाता है कि इसी पावन स्थल पर अघोराचार्य बाबा कीनाराम ने साधना कर सिद्धियां प्राप्त की थीं,
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जिसके कारण काशी में इस स्थान का विशेष धार्मिक महत्व है। पीठाधीश्वर बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम जी के अवतरण दिवस के अवसर पर इस सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है।
संस्थान से जुड़ी महिला मंडल की सदस्य संयोगिता रूबी सिंह ने बताया कि अघोर पीठ में पहले भी सामूहिक विवाह का आयोजन होता रहा है,
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लेकिन एक बार फिर इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 1 मई को 55 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में विशेष रूप से जरूरतमंद परिवारों के युवाओं को प्राथमिकता दी गई है और सभी जोड़ों का पंजीकरण पहले ही पूरा किया जा चुका है।
विवाह की रस्में 30 अप्रैल की रात से शुरू होकर 1 मई की देर रात तक विधिवत संपन्न होंगी। इस दौरान देशभर से साधु-संतों को आमंत्रित किया जाएगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के सामने अघोर पीठ द्वारा किए जा रहे सामाजिक और मानवीय कार्यों को प्रस्तुत करना है।
संस्थान की ओर से बताया गया कि पिछले चार महीनों से इस सामूहिक विवाह की तैयारियां चल रही थीं, जो अब पूरी हो चुकी हैं। सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं और निर्धारित समय पर सभी जोड़े एवं उनके परिजन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे।


