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लहरतारा-बौलिया में PWD का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन, 100 मकानों पर चला बुलडोजर

शहर में सिक्स लेन सड़क परियोजना को गति देने के लिए गुरुवार सुबह लहरतारा-बौलिया क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने करीब 100 मकानों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की। यह पूरी कार्रवाई PWD के एक्सिक्यूटिव इंजीनियर केके सिंह के नेतृत्व और निगरानी में संपन्न हुई।

प्रशासन के अनुसार, जिन मकानों को हटाया जा रहा है, वे सड़क निर्माण में बाधा बन रहे थे और कथित रूप से वन भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए थे। विभाग की ओर से पहले ही 

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मकान मालिकों को नोटिस जारी कर स्वयं निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समयसीमा के बाद भी कार्रवाई न होने पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई।



अभियान के दौरान क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बुलडोजर कार्रवाई के बीच स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला, वहीं कई परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।

PWD के एक्सिक्यूटिव इंजीनियर केके सिंह ने बताया, “यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। सभी प्रभावित लोगों को पहले ही नोटिस देकर पर्याप्त समय दिया गया था। सड़क निर्माण शहर की जरूरत है और इससे वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा।”

दरअसल, वाराणसी में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मोहनसराय बाईपास से मुगलसराय तक करीब 31 किलोमीटर लंबी सिक्स लेन सड़क 

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का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना के तहत मोहनसराय बाईपास से बौलिया तिराहा तक का काम पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि आगे का हिस्सा घनी आबादी के कारण लंबे समय से अटका हुआ था।

करीब 197.40 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अब तेजी लाई जा रही है। सर्वे के बाद चिन्हित किए गए मकानों पर पहले लाल निशान लगाया गया था और जुलाई 2025 से लगातार मुनादी कर लोगों को चेतावनी दी जा रही थी।

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा, जबकि प्रभावित परिवारों की चिंता अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।