वाराणसी में ATS का एक्शन: टेरर फंडिंग के शक में छापेमारी, डॉ. आरिफ ने बेटे पर लगे आरोपों पर तोड़ी चुप्पी
शहर के आदमपुर थाना क्षेत्र के पठानी टोला इलाके में मंगलवार को हुई हाई-प्रोफाइल छापेमारी के बाद बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरिफ अंसारी का बयान सामने आया है। मुंबई एटीएस, यूपी एटीएस और आईबी की संयुक्त टीम द्वारा करीब 5 घंटे तक चली पूछताछ के बाद डॉक्टर ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा।
मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम ने ‘टेरर फंडिंग’ के संदेह में डॉक्टर आरिफ अंसारी के आवास और क्लीनिक पर छापेमारी की थी। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई डॉक्टर के बेटे अबू बकर के व्हाट्सएप पर एक कश्मीरी हैंडल के जरिए हुई संदिग्ध बातचीत के इनपुट के आधार पर की गई।
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एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इस बातचीत के तार किसी सीमा पार नेटवर्क से जुड़े हैं।
डॉक्टर का पक्ष: “बेटे का ब्रेनवॉश किया गया”
छापेमारी के बाद मीडिया से बातचीत में डॉक्टर आरिफ अंसारी ने कहा कि जांच एजेंसियों ने मुख्य रूप से उनके बेटे से पूछताछ की है। उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा कुछ संदिग्ध ऑनलाइन हैंडलर्स के संपर्क में आ गया था और उसका ब्रेनवॉश किया गया था।
डॉक्टर ने कहा,
“एजेंसियों ने हमसे और हमारे बेटे से काफी देर तक पूछताछ की। उन्होंने मोबाइल फोन, लैपटॉप और कुछ जरूरी दस्तावेज जांच के लिए अपने साथ ले लिए हैं। हमें लगता है कि बेटे को कुछ लोगों ने गुमराह किया था। हम पूरी तरह निर्दोष हैं और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।”
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— The Varanasi News (@thevaranasinews) April 16, 2026
उन्होंने यह भी बताया कि उनका बेटा नीट (NEET) की तैयारी कर रहा है और एजेंसियां उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से जांच कर रही हैं।
इलाके में रहा कड़ा सुरक्षा पहरा
छापेमारी के दौरान पूरे पठानी टोला इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।
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कार्रवाई के दौरान जांच टीम बैंक खातों का विवरण, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी अपने साथ ले गई है।
जांच जारी, एजेंसियां खंगाल रहीं कनेक्शन
फिलहाल, जांच एजेंसियां जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। अवैध लेनदेन और संदिग्ध संपर्कों के आरोपों की गहराई से पड़ताल की जा रही है।


