gnews गंगा में इफ्तार पार्टी और बिरयानी विवाद मामले में आरोपितों की रिहाई, जिला अदालत से जेल भेजा गया आदेश - The Varanasi News
HEADLINE
Dark Mode
Large text article

गंगा में इफ्तार पार्टी और बिरयानी विवाद मामले में आरोपितों की रिहाई, जिला अदालत से जेल भेजा गया आदेश

गंगा नदी में नाव पर बैठकर बिरयानी खाने और उसका अवशेष गंगा में फेंकने के चर्चित मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपितों की रिहाई का आदेश सोमवार को जिला अदालत से जारी कर दिया गया। उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद जिला अदालत ने जमानतदार और बंधपत्र की प्रक्रिया पूरी होने पर संबंधित आदेश जिला जेल प्रशासन को भेज दिया।


इस मामले में आरोपितों की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह ने अदालत में पक्ष रखा। प्रकरण को लेकर पहले से ही शहर में काफी चर्चा और राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।

विज्ञापन

मामले के अनुसार भारतीय जनता युवा मोर्चा वाराणसी महानगर के अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि मां गंगा सनातन धर्म के अनुयायियों की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा जल का आचमन करने वाराणसी आते हैं। आरोप लगाया गया था कि कुछ युवकों द्वारा नाव पर बैठकर इफ्तार के दौरान चिकन बिरयानी खाना और उसका अवशेष गंगा में फेंकना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।


एफआईआर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद आज़ाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ अहमद और मोहम्मद अनस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था।

विज्ञापन

जिला अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपितों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने जमानत मंजूर करते हुए कहा कि मामले की जांच आरोपितों को लगातार हिरासत में रखे बिना भी जारी रह सकती है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपित 17 मार्च 2026 से जेल में हैं और उन्होंने अपने कृत्य पर खेद जताते हुए भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने का आश्वासन दिया है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा किए जाने को न्यायोचित माना।