नीट पेपर लीक मामले में बीएचयू कनेक्शन, सीकर कोचिंग से जुड़े छात्रों पर जांच एजेंसियों की नजर
नीट पेपर लीक प्रकरण की जांच अब और गहराती जा रही है। इस मामले में अब Institute of Medical Sciences, Banaras Hindu University (आईएमएस-बीएचयू) के दो और छात्रों पर शक की सुई घूम रही है। सूत्रों के मुताबिक दोनों छात्र राजस्थान के सीकर स्थित उसी कोचिंग संस्थान से जुड़े बताए जा रहे हैं, जहां कथित तौर पर जयपुर के बिवाल परिवार के बच्चों ने भी तैयारी की थी।
बताया जा रहा है कि सत्र 2025-26 में इन दोनों छात्रों ने आईएमएस-बीएचयू में प्रवेश लिया है। इनमें एक छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है, जबकि छात्रा बीएएमएस कोर्स में अध्ययनरत है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने आईएमएस-बीएचयू समेत देश के कई मेडिकल कॉलेजों से संदिग्ध छात्रों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
सूत्रों के अनुसार जिस कोचिंग सेंटर से ये छात्र जुड़े थे, वह अपने प्रचार में “सेलेक्शन नहीं होने पर फीस वापसी” का दावा करता था। इसी कोचिंग संस्थान से जुड़े दो छात्राओं और एक छात्र का दाखिला पिछले वर्ष आईएमएस-बीएचयू में हुआ था। अब केंद्रीय एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
सीबीआई की संभावित कार्रवाई से आईएमएस-बीएचयू सतर्क
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए आईएमएस-बीएचयू प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। सूत्रों की मानें तो संस्थान ने संदिग्ध छात्रों से जुड़ी प्रवेश फाइलें और दस्तावेज अलग से सुरक्षित रख लिए हैं, ताकि जांच एजेंसियों के मांगने पर उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जा सके।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसियां अब केवल पेपर लीक तक सीमित न रहकर उन कोचिंग और शैक्षणिक नेटवर्कों की भी जांच कर रही हैं, जिनके जरिए कथित तौर पर छात्रों के प्रवेश सुनिश्चित कराए गए।
क्या है पूरा मामला
सीबीआई ने हाल ही में जयपुर के चर्चित बिवाल परिवार के दो भाइयों और एक भतीजे को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था।
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जांच में सामने आया कि परिवार के पांच बच्चों का दाखिला पिछले वर्ष अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुआ था।
इसी क्रम में आरोपी दिनेश की बेटी का प्रवेश आईएमएस-बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में हुआ था और वह वर्तमान में वहीं पढ़ाई कर रही है। इस कड़ी के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों की नजर अब आईएमएस-बीएचयू से जुड़े अन्य छात्रों पर भी टिक गई है।
परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों पर सीबीआई का शिकंजा
सीबीआई जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्नपत्र लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग ही थे। एजेंसी ने देशभर के छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक स्टेटमेंट जब्त किए हैं।
मामले में अब तक कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
एनटीए में बड़े स्तर पर बदलाव
नीट विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में भी प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। शनिवार को दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की गई। आईएसएस 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और आईआरएस 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज को संयुक्त सचिव बनाया गया है।


