वाराणसी में मंत्री हरदीप सिंह ने मीडिया को दिशा की बैठक से निकाला बाहर, बोले– 'अगर मैं DM होता तो...'
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और राजनीतिक राजधानी वाराणसी में आज उस समय प्रशासनिक और मीडिया हलकों में हलचल मच गई, जब केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (DISHA) की महत्वपूर्ण बैठक से मीडियाकर्मियों को बाहर कर दिया गया।
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी आज वाराणसी के दौरे पर थे, जहां उन्होंने जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखा जाना था। लेकिन बैठक शुरू होते ही पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जिसके बाद से ही यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
कथनी और करनी में अंतर पर उठ रहे सवाल
इस घटनाक्रम ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व और बड़े नेता अक्सर मंचों से अधिकारियों और नेताओं को हिदायत देते हैं कि वे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया और पत्रकारों के साथ शालीनता व सम्मानजनक ढंग से पेश आएं। वहीं दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ही केंद्रीय मंत्री द्वारा मीडिया को समीक्षा बैठक से दूर रखने के फैसले को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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इस घटना के बाद वाराणसी के स्थानीय पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। लोगों का कहना है कि जब बैठक विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर थी, तो उसे पारदर्शी होना चाहिए था ताकि जनता को भी पता चल सके कि उनके क्षेत्र में क्या काम हो रहा है।


