वाराणसी दालमंडी में 45 भवनों पर चला बुलडोजर, चौड़ीकरण अभियान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में चौड़ीकरण अभियान के तहत शनिवार को बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। शुक्रवार को प्रशासन द्वारा घोषणा किए जाने के बाद शनिवार सुबह बुलडोजर मौके पर पहुंच गया। कार्रवाई के मद्देनज़र पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 45 भवनों को चिन्हित किया गया है, जिनका ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। इनमें 25 भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है,
![]() |
| विज्ञापन |
जबकि 20 भवनों को नगर निगम ने जर्जर घोषित किया है। अधिकारियों का कहना है कि भवन मालिकों को पहले ही नोटिस देकर भवन खाली करने के निर्देश दिए जा चुके थे।
शनिवार सुबह से ही दालमंडी क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। बुलडोजर कार्रवाई की आशंका के चलते कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और बाजार में ताले लटके दिखाई दिए। हालांकि सुबह 10 बजे से कार्रवाई शुरू होनी थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और भारी संख्या में फोर्स तैनात किए जाने के बाद दोपहर में ध्वस्तीकरण अभियान शुरू हुआ।
पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि आज का लक्ष्य 45 चिन्हित भवनों को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा कि नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एडीएम प्रशासन, एडीएम सिटी और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें अभियान में लगी हुई हैं।
वहीं दशाश्वमेध के एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि ध्वस्तीकरण को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र में अर्धसैनिक बल, पीएसी और स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई है। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है।
![]() |
| विज्ञापन |
उन्होंने कहा कि विध्वंस कार्य शुरू हो चुका है और देर शाम तक जारी रहने की संभावना है।
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत अब तक कुल 181 भवनों में से 61 भवनों की रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है। प्रशासन की ओर से अब तक लगभग 39 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य दालमंडी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और लोगों को जाम की समस्या से राहत दिलाना है।
हालांकि स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में कार्रवाई को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। कई लोगों ने प्रशासन से अतिरिक्त समय देने की मांग की है ताकि वे अपनी दुकानों और सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जा सकें। इसके बावजूद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चौड़ीकरण परियोजना के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी।


