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जी-20 के बाद हुए सौंदर्यीकरण की पहचान बनी काशी स्टेशन के पास स्थापित नंदी प्रतिमा

काशी रेलवे स्टेशन के समीप लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा स्थापित भगवान नंदी की प्रतिमा इन दिनों अपने आसपास फैली गंदगी के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां एक ओर यह प्रतिमा श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बाबा विश्वनाथ धाम की दिशा का प्रतीकात्मक संदेश देती है, वहीं दूसरी ओर इसके आसपास की सफाई व्यवस्था बदहाल दिखाई दे रही है।

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बताया जाता है कि शहर में आयोजित जी-20 सम्मेलन के बाद इस मार्ग का व्यापक चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया गया था। उसी दौरान तत्कालीन लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (E.E. PWD) के.के. सिंह की पहल पर यहां नंदी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसके बाद प्रतिमा का निर्माण और स्थापना कराई गई। नंदी भगवान शिव के वाहन माने जाते हैं और धार्मिक मान्यता के अनुसार वे श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। इसी भावना के साथ इस प्रतिमा को स्थापित किया गया था।

वर्तमान में इस स्थल का रखरखाव नगर निगम के अधीन है, लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रतिमा और उसके आसपास की नियमित सफाई नहीं हो रही है। प्रतिमा के आसपास कूड़ा-कचरा और गंदगी दिखाई देने से इसकी भव्यता प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि जिस उद्देश्य से इस स्थान का सौंदर्यीकरण किया गया था, वह लगातार उपेक्षा का शिकार होता नजर आ रहा है।

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स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि नंदी प्रतिमा के आसपास नियमित सफाई कराई जाए और इस स्थल की सुंदरता को बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि काशी आने वाले हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इस मार्ग से गुजरते हैं, ऐसे में शहर की छवि को बेहतर बनाए रखने के लिए सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।


गौरतलब है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और नगर निगम समय-समय पर शहर के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता को लेकर बड़े दावे करते हैं, लेकिन काशी स्टेशन के पास स्थापित नंदी प्रतिमा के आसपास की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह महत्वपूर्ण स्थल अपनी पहचान और आकर्षण खो सकता है।