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50 करोड़ की जमीन विवाद में पीड़िता का छलका दर्द, रो-रोकर सुनाई आपबीती, बोलीं- "हमारी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी"

प्रदेश के वाराणसी में करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की 70 बिस्वा जमीन के कथित फर्जी बैनामे और दानपत्र का मामला अब सुर्खियों में है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश पर रोहनिया थाने में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह, नितेश राय 'सोनू', उपनिबंधक, लिपिक समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़िता प्रमिला मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बीमार पति की हालत का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़प ली गई।


"डायलिसिस के बाद मेरे पति को कुछ याद नहीं था, उसी दौरान करा लिए दस्तावेज"


पीड़िता प्रमिला मिश्रा ने बताया कि उनके पति एवं सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और नियमित डायलिसिस करवा रहे हैं। उनका आरोप है कि 7 अप्रैल 2026 को डायलिसिस के बाद जब उनके पति अर्धचेतन अवस्था में थे, तभी आरोपियों ने उन्हें गुमराह कर गंगापुर उपनिबंधन कार्यालय ले जाकर फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार करा लिए।

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आरोप है कि पहले लगभग 660 वर्गमीटर जमीन का बैनामा नितेश राय 'सोनू' के नाम कराया गया, इसके बाद करीब 65 बिस्वा भूमि और एक व्यावसायिक गोदाम विशाल मिश्रा के नाम दानपत्र के जरिए दर्ज करा दिया गया।


"बैंक खाता, मोबाइल नंबर और पेंशन तक बदल दी गई"


प्रमिला मिश्रा का आरोप है कि यह पूरी साजिश बेहद सुनियोजित थी। उन्होंने कहा कि परिवार की जानकारी के बिना उनके पति के बैंक खाते, मोबाइल सिम और पेंशन खाते से जुड़े मोबाइल नंबर तक बदल दिए गए। इतना ही नहीं, अब आरोपी लगातार उन्हें धमका रहे हैं और समझौते का दबाव बना रहे हैं।



थाने में नहीं हुई सुनवाई, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर


पीड़िता के मुताबिक उन्होंने सबसे पहले रोहनिया थाने और पुलिस आयुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद रोहनिया पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।


भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार


मामले में नामजद भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित जमीन पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत खरीदी थी।

"चाचा ने कोर्ट में जाकर अपने भतीजे के नाम जमीन दान की थी। उसी भतीजे से मैंने जमीन खरीदी है। खरीदने से पहले सभी अभिलेखों की जांच की गई थी। जमीन उसके नाम दर्ज थी और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए रजिस्ट्री कराई गई। यदि किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए संबंधित भतीजा जिम्मेदार होगा।"


ACP बोले- निष्पक्ष होगी जांच


रोहनिया एसीपी अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि मोहनसराय स्थित करीब 70 बिस्वा जमीन के मामले में कोर्ट के आदेश पर उपनिबंधक, लिपिक समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।