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50 करोड़ की जमीन हड़पने के मामले में ACP का बयानः सुरेश सिंह और नितेश 'सोनू' समेत 10 के खिलाफ विवेचना शुरु

करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन के कथित फर्जी बैनामे और दानपत्र के मामले में अब पुलिस की जांच शुरू हो गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश पर दर्ज मुकदमे में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह और नितेश राय 'सोनू' समेत 10 लोगों को नामजद किया गया है। मामले में अब रोहनिया ACP अवधेश विश्वकर्मा का बयान भी सामने आया है।

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ACP अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि मोहनसराय में करीब 70 बिस्वा जमीन हड़पने के आरोप में उपनिबंधक, लिपिक सहित 10 लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।


शिकायतकर्ता प्रमिला मिश्रा का आरोप है कि उनके पति और सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा, जो लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें इलाज के दौरान विश्वास में लेकर फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कराए गए। 

आरोप है कि 7 अप्रैल 2026 को डायलिसिस के बाद अर्धचेतन अवस्था में उन्हें गंगापुर उपनिबंधन कार्यालय ले जाकर पहले करीब 660 वर्गमीटर जमीन नितेश राय 'सोनू' के नाम बैनामा कराई गई। इसके बाद करीब 65 बिस्वा भूमि और एक व्यावसायिक गोदाम विशाल मिश्रा के नाम दानपत्र के जरिए दर्ज करा दिया गया।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि बैंक खाते, मोबाइल सिम और पेंशन खाते से जुड़े मोबाइल नंबर में भी परिवार की जानकारी के बिना बदलाव किया गया तथा पूरी प्रक्रिया सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई।


सुरेश सिंह ने दी सफाई


मामले में नाम आने के बाद भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि,

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"चाचा ने कोर्ट में जाकर अपने भतीजे के नाम जमीन दान की थी। उसी भतीजे से मैंने जमीन खरीदी है। खरीदने से पहले सभी अभिलेखों की जांच की गई थी। जमीन उसके नाम दर्ज थी और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए रजिस्ट्री कराई गई। यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए संबंधित भतीजा जिम्मेदार है।"

प्रमिला मिश्रा का कहना है कि उन्होंने पहले रोहनिया थाने और पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत सीजेएम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता देखते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच का आदेश दिया, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।