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मदरसा फारूकिया की कथित फर्जी प्रबंधन समिति की जांच की मांग, डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति

 

पिंडरा क्षेत्र के नदौय हीरामनपुर स्थित मदरसा फारूकिया की कथित फर्जी प्रबंधन समिति को लेकर उठे विवाद के बीच जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इससे पहले शिकायतकर्ता अरशद अहमद ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर वर्ष 2015 में गठित कथित फर्जी प्रबंधन समिति और उसके सदस्यों की निष्पक्ष जांच कर विधिक कार्रवाई की मांग की थी।

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शिकायतकर्ता अरशद अहमद ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में गठित प्रबंधन समिति में कई ऐसे लोगों को सदस्य बनाया गया था, जिनका आपस में पारिवारिक संबंध था। उनका आरोप है कि समिति का गठन नियमों के विपरीत किया गया, जिससे मदरसे के संचालन में पारदर्शिता प्रभावित हुई।


प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रिट संख्या 67795/2015 में न्यायालय ने कथित फर्जी समिति को निरस्त करते हुए वर्ष 2011 की प्रबंधन समिति को बहाल किया था तथा उसे अपना शेष कार्यकाल पूरा करने का अधिकार दिया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बावजूद कथित फर्जी समिति से जुड़े लोगों की भूमिका की आज तक निष्पक्ष जांच नहीं हुई।


अरशद अहमद ने तत्कालीन मैनेजर अहमद अली, सदस्य नवी जान, बहुद्द अली समेत कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मामले की गहन जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

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मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने शिकायत के निस्तारण के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, वाराणसी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वाराणसी तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी, वाराणसी को शामिल किया गया है।


जांच समिति पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने उम्मीद जताई है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित होगी, जिससे मदरसे के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।