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न्यायालय का आदेश कपसेठी पुलिस के लिए सिर्फ कागज का पन्ना? यथास्थिति के बावजूद मौके पर धड़ल्ले से जारी है निर्माण

सेवापुरी क्षेत्र के चकलोला गांव में न्यायालय के यथास्थिति (स्टेटस क्वो) आदेश के बावजूद कथित रूप से निर्माण कार्य जारी रहने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता संतोष कुमार सिंह ने जिलाधिकारी से लेकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर बोरिंग और निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

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7मामला मौजा चकलोला स्थित आराजी/गाटा संख्या 218 (मिनजुमला) से जुड़ा है, जहां भूमि की स्थिति बनाए रखने के लिए न्यायालय की ओर से आदेश पारित किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई थी।


शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेश की जानकारी पुलिस को देने और कई बार शिकायत करने के बावजूद मौके पर कथित निर्माण कार्य नहीं रुका। शिकायत में अजय सिंह उर्फ शेरू और विकास सिंह उर्फ धीरज पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए बोरिंग और निर्माण जारी रखने का आरोप लगाया गया है।


इस पूरे मामले में कपसेठी थाने की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। खबर के संबंध में कपसेठी थाने के प्रभारी विकास से बात करने का प्रयास किया गया। उनकी ओर से बताया गया कि मौके पर किसी तरह का निर्माण नहीं हो रहा है। हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ वीडियो में मौके पर निर्माण कार्य होता हुआ स्पष्ट रूप से दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।


ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या मौके पर वास्तव में निर्माण कार्य बंद है या फिर न्यायालय के आदेश के बावजूद काम जारी है? यदि वीडियो में दिखाई दे रहा निर्माण उसी विवादित भूमि का है, तो स्थानीय पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और मौके की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है।

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शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मौके पर राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और यदि न्यायालय के आदेश का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।


अब देखने वाली बात होगी कि जिलाधिकारी इस मामले को किस गंभीरता से लेते हैं और पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की ओर से कपसेठी पुलिस की भूमिका तथा मौके की वास्तविक स्थिति को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन को लेकर उठे इन सवालों का जवाब प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।