वाराणसी एयरपोर्ट गोलीकांड: PMO ने तलब की रिपोर्ट, पैरवी के फोन के बाद आरोपी कमलेश रिहा; आज दिल्ली से आएगी स्पेशल टीम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हथियार की जांच के दौरान गोली चलने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और आरोपी की थाने से रिहाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना में एयरपोर्ट की दो महिला-पुरुष कर्मचारियों को गोली और छर्रे लगे थे। मामले में आरोपी यात्री कमलेश राय को पुलिस ने पूछताछ के बाद थाने से ही मुचलके पर रिहा कर दिया। इसके बाद उसकी पिस्टल लौटाए जाने की बात भी सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, घटना रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे की है। आजमगढ़ निवासी और मुंबई में शिवसेना से जुड़े नेता कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान से मुंबई जाने वाले थे। कमलेश ने अपने पास लाइसेंसी हथियार होने की जानकारी पहले ही दी थी। एयरपोर्ट पर हथियार की जांच के दौरान पिस्टल से अचानक गोली चल गई।
![]() |
| विज्ञापन |
वाराणसी एयरपोर्ट गोलीकांड: PMO ने तलब की रिपोर्ट, पैरवी के फोन के बाद आरोपी कमलेश रिहा; आज दिल्ली से आएगी स्पेशल टीम#TheVaranasiNews #Varanasi #VaranasiNews@Uppolice @varanasipolice pic.twitter.com/dlS0SJoQBc
— The Varanasi News (@thevaranasinews) August 19, 2026
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी के पास से पिस्टल और 21 कारतूस बरामद किए गए। करीब पांच घंटे तक पूछताछ के बाद उसे फूलपुर थाने ले जाया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर हथियार और कारतूस जब्त किए। हालांकि बाद में उसे थाने से ही मुचलके पर छोड़ दिया गया।
आरोपी की रिहाई को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि राजनीतिक पहुंच और प्रभावशाली लोगों की पैरवी के बाद दिल्ली, मुंबई और लखनऊ से अधिकारियों के पास फोन पहुंचे, जिसके बाद आरोपी को थाने से रिहा करने का निर्णय लिया गया। हालांकि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मामला प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण इसकी गंभीरता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने घटना का संज्ञान लेते हुए एयरपोर्ट से रिपोर्ट तलब की है। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने कहा है कि जांच के बाद करीब एक सप्ताह में रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
वहीं आरोपी को नो-फ्लाई सूची में शामिल किए जाने के सवाल पर एयरपोर्ट निदेशक ने कहा कि इस संबंध में फैसला संबंधित मंत्रालय की ओर से लिया जाता है।
गोलीकांड के बाद ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। जांच में हथियारों की स्क्रीनिंग से लेकर सुरक्षा क्षेत्र में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया तक कई बिंदुओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
![]() |
| विज्ञापन |
गोलीकांड में घायल सुमन कुमारी की हालत को लेकर परिजन चिंतित हैं। घटना के बाद मंगलवार को उनके परिजन एयरपोर्ट पहुंचे और निदेशक से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और घायल कर्मचारी के इलाज में मदद की मांग की।
बताया गया है कि कमलेश राय का मुंबई में होटल कारोबार है और वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े हैं। मुंबई में वह चार बार और उनकी पत्नी दो बार नगर सेवक रह चुकी हैं। वर्तमान में उनका बड़ा बेटा रितेश राय नगर सेवक है। मुंबई में अगस्त 2025 में उनके खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज होने की बात भी सामने आई है। आजमगढ़ स्थित उनके गांव रामगढ़ में उनके पिता केदारनाथ राय और मां ऊषा राय रहते हैं। ऊषा राय ग्राम प्रधान भी हैं। गांव में कमलेश राय के परिवार से जुड़ा बाबू शिवपट्टर राय स्मारक स्नातकोत्तर महाविद्यालय भी है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि एयरपोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर फायरिंग की घटना के बाद आरोपी को थाने से रिहा कर दिया गया और इसके बाद उसके वाराणसी से मुंबई पहुंचने की जानकारी सामने आई। आरोपी की पिस्टल लौटाए जाने की बात भी जांच के घेरे में है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और आरोपी की यात्रा तथा आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं एयरपोर्ट प्रशासन भी घटना के बाद अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा में जुटा है।
वाराणसी एयरपोर्ट पर यह घटना केवल एक यात्री के हथियार से गोली चलने तक सीमित नहीं है। इसने एयरपोर्ट के स्क्रीनिंग क्षेत्र में हथियारों की जांच की प्रक्रिया, सुरक्षा प्रोटोकॉल और आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि गोली आखिर किन परिस्थितियों में चली, सुरक्षा जांच के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का कितना पालन हुआ, आरोपी को थाने से किस आधार पर रिहा किया गया और रिहाई के बाद उसकी पिस्टल लौटाने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।


