सिगरा थाना क्षेत्र में रथयात्रा के दौरान एसी कमरों में चल रहे जुए के सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद गिरफ्तार किए गए सभी 47 जुआरियों को गुरुवार रात एसीजेएम (चतुर्थ) की कोर्ट से जमानत मिल गई। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के बंधपत्र पर सशर्त जमानत दे दी। जमानत की शर्तों के मुताबिक, सभी आरोपियों को आगे किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। जमानत मिलने के बाद सभी आरोपी देर रात तक कोर्ट परिसर से रिहा होकर अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए।
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गौरतलब है कि बुधवार रात पुलिस ने इस जुए के अड्डे पर छापेमारी की थी, जहां एक दांव पर 10 से 15 हजार रुपये लगाए जाते थे। छापेमारी में पुलिस ने 21 लाख 11 हजार 965 रुपये नकद और ताश की 11 गड्डियां बरामद की थीं।
पूछताछ में सामने आया था कि भवन स्वामी विशाल सिंह जुआ खेलने की अनुमति देने के एवज में करीब 10 फीसदी सिक्योरिटी मनी वसूलता था, जबकि रोशन कुमार, रफीक खान एवं विजय जायसवाल उसके सहयोगी थे। पुलिस के मुताबिक, यह जुआ सिंडिकेट काफी समय से चल रहा था और इसमें शहर के कई प्रभावशाली लोगों का सीधा संपर्क था। |
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आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बुधवार रात से गुरुवार तक कई सफेदपोशों के फोन सिगरा थाने पहुंचे थे। इससे साफ जाहिर होता है कि इस जुए के सिंडिकेट से जुड़े लोगों में कई प्रभावशाली हस्तियां शामिल हैं, जो अपने करीबियों की गिरफ्तारी के बाद सक्रिय हो गई थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस सिंडिकेट का नेटवर्क कितने लोगों तक फैला हुआ है और इसमें कौन-कौन शामिल है। सूत्रों की मानें तो पुलिस कुछ और लोगों को चिह्नित कर चुकी है, जिनसे जल्द पूछताछ की जा सकती है। |
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फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर रिहा हो गए हैं, जबकि पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने शहर में जुए के बढ़ते नेटवर्क और उसमें शामिल प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।