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यूपी चुनाव 2027: योगी का साथ देंगे नीतीश! बेटे निशांत को वाराणसी से उतारने की तैयारी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने जोरदार तरीके से कदम बढ़ा दिए हैं। इस चुनाव को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की चुनावी राजनीति के लॉन्चिंग पैड के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि इस बार नीतीश कुमार अपनी पार्टी के जरिए सीएम योगी आदित्यनाथ का साथ देंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में नीतीश ने अपने उम्मीदवार अलग से उतारे थे, जिन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था।


निशांत कुमार का वाराणसी में पहला चुनावी कार्यक्रम

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 25 अक्टूबर 2026 को वाराणसी पहुंचेंगे। इसी दिन वहीं पर JDU का भव्य चुनावी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 

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इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा से सटे जिलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी जुटान किए जाने की तैयारी है। यह चुनावी राजनीति में निशांत कुमार के लिए पहला बड़ा मंच होगा, जहां वे कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। साफ है कि वाराणसी को निशांत की चुनावी राजनीति के लिए लॉन्चिंग पैड के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

60 सीटों पर नजर, इस बार गठबंधन की उम्मीद

उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से JDU ने उन 60 सीटों को चिन्हित किया है, जहां कुर्मी और कुशवाहा वोटरों की अच्छी-खासी जमात मौजूद है। कहा जा रहा है कि इस बार नीतीश कुमार की पार्टी अलग से चुनाव नहीं लड़ने के मूड में है। 

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JDU चाहती है कि इस बार बीजेपी से समझौता हो जाए और बिहार में NDA की तरह उत्तर प्रदेश में भी गठबंधन मैदान में उतरे, जिससे जीत की संभावना अधिक बने। हालांकि अभी इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच औपचारिक बातचीत नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही टॉप लीडरशिप के इस मुद्दे पर साथ बैठने की उम्मीद जताई जा रही है।

2022 में 27 सीटों पर मिली थी हार

गौरतलब है कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में तत्कालीन समय में आरसीपी सिंह का कद JDU में काफी बड़ा था और वे केंद्र में मंत्री भी थे। नीतीश कुमार के बाद वे पार्टी में नंबर 2 की हैसियत रखते थे। 

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तब आरसीपी सिंह को उत्तर प्रदेश में बीजेपी से सीट शेयरिंग के लिए आगे किया गया था। लेकिन तब दोनों दलों के बीच ढंग से बात नहीं बनी और आखिर में JDU अकेले ही मैदान में उतरी। नतीजा निराशाजनक रहा—पार्टी ने 27 सीटों पर उम्मीदवार दिए, लेकिन सभी को हार का मुंह देखना पड़ा।

अब देखना यह होगा कि 2027 के चुनाव में नीतीश कुमार की JDU, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी के साथ गठबंधन करती है या नहीं, और निशांत कुमार की चुनावी पारी वाराणसी से कैसी शुरुआत करती है।