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वाराणसी के मंगलपुर गांव में रहस्यमयी बुखार का कहर, एक महीने में चार की मौत, 100 से अधिक लोग बीमार

सांकेतिक तस्वीर

 काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में रहस्यमयी बुखार को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले एक महीने में बुखार से चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग इसकी चपेट में हैं। ग्रामीणों ने डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और वायरल बुखार को मौतों की वजह बताया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने मौतों और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के दावे से इनकार किया है।

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सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को गांव पहुंची और जिन लोगों की मौत होने की बात सामने आई थी, उनके परिजनों से बातचीत की। विभाग के अनुसार, परिजन मौतों से संबंधित कोई जांच रिपोर्ट नहीं दिखा सके। ऐसे में मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है।


ग्रामीणों के मुताबिक, बुखार से 35 वर्षीय जमालुद्दीन, 65 वर्षीय गुलाम रब्बानी, 52 वर्षीय आयशा बेगम और 48 वर्षीय मददर बेगम की मौत हुई है। हालांकि, इन मौतों के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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गांव के नुरैन, तौफीक अंसारी, सलाउद्दीन अंसारी, जरदारी अंसारी और रामसुंदर सहित कई अन्य लोग भी बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बुखार के साथ हाथ-पैरों के जोड़ों में दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है।
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गांव के पूर्व प्रधान बाबर अंसारी ने बताया कि ग्रामीण पिछले डेढ़ महीने से इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव में बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए उन्होंने स्वयं छिड़काव भी कराया है।


शनिवार से घर-घर होगी मरीजों की स्क्रीनिंग


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में गई थी। उन्होंने मौतों की बात से इनकार करते हुए कहा कि शनिवार से गांव में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। इस दौरान यदि कोई बीमार मिलता है, तो उसका उपचार कराया जाएगा।


फिलहाल, ग्रामीणों के दावों और स्वास्थ्य विभाग के बयान के बीच बीमारी की वास्तविक स्थिति तथा कथित मौतों के कारणों की पुष्टि होना बाकी है।