1932 से चली आ रही परंपरा का निर्वहन: सावन के पहले सोमवार पर हजारों यादव बंधुओं ने बाबा विश्वनाथ का किया जलाभिषेक
सावन के प्रथम सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम में आस्था, परंपरा और शिवभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। दशकों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए हजारों यादव बंधु गंगा जल लेकर बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे और विधि-विधान से जलाभिषेक किया। डमरू की गूंज, हर-हर महादेव के जयघोष और हाथों में बड़े-बड़े कलश लिए श्रद्धालुओं का उत्साह पूरे मार्ग पर आकर्षण का केंद्र बना रहा। विज्ञापन यादव समाज के श्रद्धालु समूहों में गंगा घाटों से जल लेकर निकले। पारंपरिक वेशभूषा में शिवभक्ति में लीन श्रद्धालु डमरू बजाते हुए …
August 03, 2026